रामग्राम स्तूप के कायाकल्प की उठी आवाज,डीएम को सौंपा सात सूत्रीय प्रस्ताव
—— ऐतिहासिक बौद्ध स्थल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग, संपर्क मार्ग से लेकर सरोवरों के सुंदरीकरण तक की मांग
up times samachar
महराजगंज। उमेश चौरसिया
नगर पंचायत चौक क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक रामग्राम प्राचीन बौद्ध स्तूप के संरक्षण और विकास को लेकर अब आवाज तेज होने लगी है। रामग्राम बौद्ध विकास समिति धर्मौली ने जिलाधिकारी को सात सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर ऐतिहासिक स्थल के विकास, संरक्षण और श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
समिति ने कहा कि रामग्राम प्राचीन बौद्ध स्तूप तथागत गौतम बुद्ध की अस्थि धातु के आठवें भाग से जुड़े महत्वपूर्ण बौद्ध स्थलों में माना जाता है। ऐसे ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले स्थल का योजनाबद्ध विकास होने से क्षेत्र में बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है। साथ ही महराजगंज को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान मिलने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
पुरातात्विक महत्व को देखते हुए विकास पर जोर
समिति के अनुसार रामग्राम स्तूप चौक जंगल क्षेत्र में स्थित है। पूर्व में पुरातत्व विभाग की ओर से स्तूप के कुछ हिस्से का उत्खनन कराया जा चुका है, जबकि दोबारा उत्खनन की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है। समिति ने स्थल की ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्ता को देखते हुए संरक्षण कार्यों के साथ मूलभूत सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता देने की मांग की है।
संपर्क मार्ग से लेकर सरोवरों के सुंदरीकरण तक मांग
सात सूत्रीय मांगपत्र में निर्माणाधीन ध्यान-भावना केंद्र एवं अतिथि निवास से रामग्राम स्थित तथागत अस्थि धातु स्थल तक जाने वाले संपर्क मार्ग को सुदृढ़ कराने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा बंद पड़े ध्यान-भावना केंद्र एवं अतिथि निवास का निर्माण कार्य पूरा कराने तथा रामग्राम के सरोवर में तथागत गौतम बुद्ध की प्रतिमा स्थापित कराने की मांग की गई है।
समिति ने रामग्राम स्थित सातों सरोवरों का सुंदरीकरण कराने, वन विभाग की ओर से पूर्व में निर्मित बांस के बंगले की मरम्मत कराने तथा श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध पेयजल और बैठने की समुचित व्यवस्था कराने की मांग भी रखी है।
विकास से बढ़ेगा बौद्ध पर्यटन
समिति ने जिलाधिकारी से जनभावनाओं और रामग्राम की ऐतिहासिक महत्ता को देखते हुए मांगपत्र में शामिल सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई कराने का अनुरोध किया है। समिति का कहना है कि रामग्राम का समुचित और योजनाबद्ध विकास होने से यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाएं बढ़ेंगी।
इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।





















