सुल्तानपुर: राहुल गांधी मानहानि केस में 8 साल बाद बरी, 16 मिनट में आया फैसला; दोषमुक्ति के पीछे बताई गईं 3 वजहें
सुल्तानपुर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में बड़ी राहत मिली है। सुल्तानपुर की अदालत ने 26 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया। करीब आठ साल तक चले इस मामले में अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुनाया।
मामला 8 मई 2018 का है। उस समय कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान बेंगलुरु में राहुल गांधी ने भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का नाम लिए बिना उन पर टिप्पणी की थी। राहुल ने भाजपा की ईमानदार राजनीति की बात पर सवाल उठाते हुए कहा था कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हत्या के एक मामले में आरोपी रहे हैं। इस बयान को लेकर भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को सुल्तानपुर की अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी।
16 मिनट में सुनाया गया फैसला
अदालती कार्यवाही के अनुसार, राहुल गांधी सोमवार सुबह करीब 11:16 बजे अदालत में पेश हुए। इसके बाद 11:32 बजे फैसला सुनाया गया। इस तरह पेशी के लगभग 16 मिनट के भीतर फैसला आ गया। राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आरएस चीमा और काशी शुक्ला ने पक्ष रखा, जबकि शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता संतोष कुमार पांडे ने पैरवी की।
दोषमुक्ति के पीछे बताई गईं तीन वजहें
राहुल गांधी के वकील की ओर से बताई गई जानकारी के अनुसार, फैसले में तीन प्रमुख बिंदुओं की अहम भूमिका रही।
पहली वजह: राहुल गांधी की ओर से अदालत में पेश की गई पूरे बयान की सीडी को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना गया। राहुल गांधी का पक्ष था कि उनका उद्देश्य किसी की मानहानि करना नहीं था।
दूसरी वजह: शिकायतकर्ता विजय मिश्रा को कथित बयान से सीधे प्रभावित व्यक्ति मानने के आधार पर सवाल उठाया गया। राहुल गांधी की ओर से दलील दी गई कि अमित शाह के संबंध में दिए गए बयान से शिकायतकर्ता का प्रत्यक्ष संबंध नहीं था।
तीसरी वजह: शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों को मानहानि की श्रेणी में रखने के आधार पर भी विचार किया गया। अदालत के फैसले के बाद राहुल गांधी को इस मामले में दोषमुक्त कर दिया गया।
अदालत ने शिकायतकर्ता को दी नसीहत
मामले से जुड़ी जानकारी के अनुसार, अदालत ने शिकायतकर्ता को अनावश्यक मुकदमेबाजी से बचने की नसीहत भी दी। बताया गया कि अदालत ने कहा कि झूठी वाहवाही हासिल करने के लिए मुकदमे दायर नहीं किए जाने चाहिए। बिना ठोस आधार के मुकदमा दायर करने से अदालत का कीमती समय बर्बाद होता है। इसलिए शिकायत दर्ज कराने से पहले तथ्यों और आधारों की सावधानीपूर्वक जांच करनी चाहिए।
राहुल गांधी केस की प्रमुख तारीखें
– 8 मई 2018: बेंगलुरु में चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने अमित शाह के संदर्भ में टिप्पणी की।
– 4 अगस्त 2018: भाजपा नेता विजय मिश्रा ने सुल्तानपुर अदालत में शिकायत दर्ज कराई।
– 27 नवंबर 2023: अदालत ने राहुल गांधी को वारंट जारी कर तलब किया।
– 20 फरवरी 2024: राहुल गांधी ने अदालत में समर्पण किया और उन्हें जमानत मिली।
– 26 जुलाई 2024: राहुल गांधी का अदालत में बयान दर्ज हुआ।
– 9 अक्टूबर 2024: शिकायतकर्ता विजय मिश्रा की गवाही हुई।
– 20 फरवरी 2026: राहुल गांधी का दंड प्रक्रिया से संबंधित धारा 313 के तहत बयान दर्ज हुआ।
– 6 अक्टूबर 2026: मामले में अंतिम बहस शुरू हुई।
– 12 अक्टूबर 2026: सुनवाई पूरी हुई।
– 26 अक्टूबर 2026: अदालत ने राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया।
आठ साल तक चले इस मामले में फैसले के बाद राहुल गांधी को राहत मिली।
मो. अली | ब्यूरो चीफ सुल्तानपुर
यूपी टाइम्स समाचार





















