नौतनवा ब्लॉक में आंगनवाड़ी सहायिका भर्ती पर घोटाले के आरोप,आय प्रमाण पत्र के खेल में फंसी नियुक्तियां
— कम आय दिखाने वालों को मिली नौकरी,लेखपाल की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल—IGRS पोर्टल पर शिकायत के बाद जांच की मांग तेज
Up times samachar
नौतनवा। महराजगंज संपादक अम्बिका दत्त चौबे
महराजगंज नौतनवा ब्लॉक की विभिन्न ग्राम सभाओं में आंगनवाड़ी सहायिका की भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि भर्ती में शैक्षणिक योग्यता के साथ आय प्रमाण पत्र को मुख्य आधार बनाया गया और जिन अभ्यर्थियों के आय प्रमाण पत्र में कम आय दर्ज कराई गई, उनका चयन कर लिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में हल्का लेखपालों की भूमिका को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि कई मामलों में ऐसे अभ्यर्थियों का चयन हुआ है जिनके परिवार के पास कृषि भूमि, वाहन और अन्य आय के साधन मौजूद हैं, लेकिन आय प्रमाण पत्र में बेहद कम आय दर्शाकर नियुक्ति हासिल कर ली गई।
खैरहवा दुबे ग्राम सभा का मामला चर्चा में
ग्राम सभा खैरहवा दुबे की रहने वाली अनुराधा सिंह पत्नी चंद्रदेव सिंह को वर्ष 2024 में जारी 36 हजार रुपये वार्षिक आय प्रमाण पत्र के आधार पर आंगनवाड़ी सहायिका के पद पर नियुक्ति मिल गई। जबकि गांव के लोगों का कहना है कि उनके परिवार के पास पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि, ट्रैक्टर-ट्रॉली, चार पहिया वाहन और पक्का मकान है। गांव में परिवार की गिनती संभ्रांत और संपन्न किसानों में होती है।
इतना ही नहीं, अनुराधा सिंह के पति चंद्रदेव सिंह ग्राम पंचायत में रोजगार सेवक के पद पर कार्यरत बताए जाते हैं। इसके बावजूद कम आय का प्रमाण पत्र जारी होने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इन दस्तावेजों के आधार पर बना आय प्रमाण पत्र
बताया गया कि आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अनुराधा सिंह द्वारा ससुर के नाम जारी किसान बही, परिवार रजिस्टर की नकल, आधार कार्ड और निर्वाचन पहचान पत्र का उपयोग किया गया था।
IGRS पोर्टल पर दर्ज हुई शिकायत
गांव की ही मीना यादव ने इस मामले में IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए आय प्रमाण पत्र की जांच कर उसे निरस्त करने की मांग की है। शिकायत के बाद हल्का लेखपाल द्वारा दी गई रिपोर्ट में केवल इतना उल्लेख किया गया कि अनुराधा सिंह के पति रोजगार सेवक हैं।
इसी ग्राम सभा की प्रतिभा गौतम पर भी कथित रूप से गलत आय प्रमाण पत्र बनवाकर नियुक्ति हासिल करने का आरोप लगाया गया है, जिससे ग्रामीणों में असंतोष बढ़ रहा है।
सीडीपीओ ने कहा— शिकायत मिलने पर होगी जांच
इस संबंध में सीडीपीओ नौतनवा रामजनम यादव का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में आय प्रमाण पत्र को आधार माना गया है। उनके अनुसार नियुक्ति में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हुई है, हालांकि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आय प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया और भर्ती में लेखपालों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई और अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर पात्र अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग की है।
इस संबंध में सीडीपीओ से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि लेखपाल की गलती से हुई है जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी ।




















