अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकथाम को लेकर चला जन-जागरूकता अभियान
Up times samachar
महराजगंज। उप संपादक उमेश चौरसिया
अक्षय तृतीया के अवसर पर संभावित बाल विवाहों को रोकने और समाज को इस कुप्रथा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिठौरा में विशेष जागरूकता बैठक आयोजित की गई। यह कार्यक्रम मिशन शक्ति अभियान फेज-5.0 (द्वितीय चरण) के अंतर्गत महिला कल्याण विभाग, महराजगंज के तत्वावधान में आयोजित किया गया।
बैठक का संचालन हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन की जेंडर स्पेशलिस्ट संजा देवी की देखरेख में हुआ, जिसमें एएनएम, संगिनी और आशा कार्यकर्त्रियों को बाल विवाह रोकथाम के लिए जागरूक किया गया तथा समाज में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी उमेश शाही ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि यह प्रथा बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालती है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह न केवल शिक्षा के अधिकार को प्रभावित करता है बल्कि भविष्य की संभावनाओं को भी सीमित कर देता है। उन्होंने सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए विपरीत परिस्थितियों में होने वाले बाल विवाह की सूचना समय रहते प्रशासन तक पहुँचाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान बीपीएम नवनीत उपाध्याय ने उपस्थित सभी लोगों को बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने की शपथ दिलाई। उन्होंने स्कूल छोड़ चुके बच्चों (ड्रॉप-आउट) की पहचान कर उनकी काउंसलिंग करने तथा उन्हें पुनः शिक्षा से जोड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी जोर दिया।
एचआईवी काउंसलर ज्योति द्विवेदी ने किशोर-किशोरियों में होने वाले शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों पर चर्चा करते हुए शिक्षा और जागरूकता के महत्व को बताया। साथ ही उन्होंने आपातकालीन और सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर—108, 102, 112, 181, 1076, 1090, 1098 और 1930—की जानकारी देते हुए जरूरत पड़ने पर इनका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। वहीं बीसीपीएम अवनीश पटेल ने बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इससे बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा तथा भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने मिशन शक्ति अभियान के उद्देश्यों को बताते हुए समाज को जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया।
अंत में जेंडर स्पेशलिस्ट संजा देवी ने सभी से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो तत्काल संबंधित अधिकारियों को अवगत कराएं, ताकि समय रहते इस सामाजिक बुराई को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाएं महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और अक्षय तृतीया के अवसर पर चलाया गया यह अभियान बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक अहम कदम है।
कार्यक्रम में सीएचसी मिठौरा के अधिकारी-कर्मचारी, एएनएम, संगिनी और आशा कार्यकर्त्रियां बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।




















