संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप से पहले कांग्रेस करे आत्ममंथन: रविकांत पटेल
—— एसआईआर को लेकर विपक्ष के आरोपों पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने साधा निशाना, बोले- तथ्यों के आधार पर हो राजनीतिक विमर्श
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महराजगंज । अम्बिका दत्त चौबे/ उमेश चौरसिया
जनपद महराजगंज में 28 सितंबर को कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन को लगातार मिल रही चुनावी हार के कारणों पर आत्ममंथन करने के साथ अपनी राजनीतिक एवं संगठनात्मक कमियों की समीक्षा करनी चाहिए। चुनावी असफलता का ठीकरा निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था के हित में नहीं है। यह बात जिला पंचायत अध्यक्ष रविकांत पटेल ने सोमवार को मऊपकड़ में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार चुनावों में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बाद निर्वाचन आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर आरोप लगाने के बजाय विपक्षी दलों को अपनी राजनीतिक रणनीति, संगठन और चुनावी तैयारियों की समीक्षा करनी चाहिए।
रविकांत पटेल ने विशेष रूप से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर उठाए जा रहे सवालों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 26 सितंबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू तथा डॉ. विवेक जोशी की बैठक के बाद आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण में एसआईआर सहित प्रमुख निर्णयों को आयोग की सहमति से लिए जाने की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि 24 जून 2025 को बिहार में एसआईआर के संबंध में निर्वाचन आयोग ने आदेश जारी किया था। इस आदेश और उसके बाद की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक स्तर पर अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय के रिकॉर्ड में भी 24 जून 2025 के एसआईआर आदेश का उल्लेख दर्ज है।
कैबिनेट सचिव को पत्र को लेकर भी उठाए सवाल
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को एसआईआर से जोड़कर लगाए जा रहे आरोपों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के अनुसार उक्त पत्र को एसआईआर से जोड़ना उचित नहीं है और यह मामला एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से संबंधित आंतरिक विषय था।
उन्होंने फार्म-6 को लेकर उठाए जा रहे सवालों का भी जिक्र करते हुए कहा कि मतदाता सूची में नए पात्र मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फार्म-6 की व्यवस्था निर्वाचन आयोग की मौजूदा नागरिक सेवा प्रणाली में उपलब्ध है। आयोग के पोर्टल पर नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फार्म-6 की सुविधा दी गई है।
पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करने पर जोर
रविकांत पटेल ने कहा कि मतदाता सूची को अद्यतन और अधिक समावेशी बनाने के लिए निर्वाचन प्रक्रिया में बूथ लेवल अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, श्रमिकों और ऐसे लोगों तक पहुंच बनाने की आवश्यकता है, जो किसी कारण से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज नहीं करा पाए हैं।
उन्होंने कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों से लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने और राजनीतिक विमर्श को तथ्यों पर आधारित रखने की अपील की। साथ ही कहा कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विषयों पर सवाल उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन आरोपों के साथ तथ्य और प्रमाण भी सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष संजय पांडेय, सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया और जिला महामंत्री बबलू यादव, वरिष्ठ भाजपा नेता राजेंद्र पटेल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।





















