कंबल के बदले मोबाइल लेकर देशभर में साइबर ठगी का नेटवर्क, महराजगंज पुलिस ने 5 शातिर गिरफ्तार किए
—- 318 मोबाइल फोन, 110 मदरबोर्ड और 5 बाइक बरामद,ग्रामीण क्षेत्रों से पुराने मोबाइल इकट्ठा कर साइबर अपराधियों तक पहुंचाता था गिरोह
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महराजगंज। संपादक अम्बिका दत्त चौबे/उप संपादक उमेश चौरसिया
महराजगंज पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है,जो देश के विभिन्न ग्रामीण इलाकों से पुराने मोबाइल फोन इकट्ठा कर साइबर ठगी करने वाले अपराधियों तक पहुंचाता था। पुलिस ने इस मामले में पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में मोबाइल फोन, मदरबोर्ड, फर्जी बिल और मोटरसाइकिल बरामद की है। यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन के निर्देशन तथा पुलिस उप
महानिरीक्षक गोरखपुर रेंज के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक महराजगंज शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देश पर की गई। साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक सजनू यादव और थाना श्यामदेउरवां के थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने थाना क्षेत्र के परतावल नहर पटरी के पास से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया। बरामद मोबाइल फोन के IMEI नंबर और डेटा का तकनीकी विश्लेषण कराया जा रहा है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों और एक अन्य नामजद आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस वित्तीय लेन-देन और हवाला कनेक्शन की भी जांच कर रही है। कंबल और बर्तन देकर जुटाते थे पुराने मोबाइल पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सरकार द्वारा साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल फोनों के IMEI नंबर ब्लॉक किए जाने के कारण अपराधियों को बार-बार नए मोबाइल खरीदने में दिक्कत होती थी। इसी समस्या से बचने के लिए उन्होंने नया तरीका अपनाया।
गिरोह के सदस्य गांव-गांव घूमकर फेरी लगाते थे और लोगों से पुराने मोबाइल फोन के बदले कंबल या बर्तन देकर मोबाइल इकट्ठा कर लेते थे। इसके बाद इन मोबाइलों को कोलकाता में अपने एक साथी को बेच दिया जाता था,जहां से ये फोन साइबर अपराधियों तक पहुंचाए जाते थे।
साइबर अपराधी इन मोबाइलों के मदरबोर्ड में मौजूद इनबिल्ट IMEI नंबर का उपयोग कर ऑनलाइन ठगी,फिशिंग,फर्जी कॉलिंग और OTP फ्रॉड जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार यह एक अंतरराज्यीय संगठित साइबर अपराध नेटवर्क है, जो साइबर अपराधियों को आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराता था। बरामद हुआ भारी मात्रा में सामान
पुलिस ने आरोपियों के पास से 318 एंड्रॉयड मोबाइल फोन,110 मोबाइल फोन मदरबोर्ड, पांच मोबाइल फोन, 55 फर्जी मोबाइल बिल, 5700 रुपये नकद तथा पांच मोटरसाइकिल बरामद की हैं। बरामद मोबाइल फोनों की अनुमानित कीमत करीब 80 लाख रुपये बताई जा रही है।
बिहार के रहने वाले हैं सभी आरोपी
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी बिहार के पूर्वी चंपारण और आसपास के इलाकों के निवासी हैं और लंबे समय से इस गिरोह से जुड़े हुए थे। गिरफ्तार आरोपियों में विकेश कुमार, रमाकांत साहनी, बृजबिहारी, मुन्ना कुमार और रामदरश शामिल हैं।
जनता से पुलिस की अपील
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने इस सफलता पर पुलिस टीम को बधाई देते हुए कहा कि साइबर अपराध से जुड़े गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि पुराने मोबाइल फोन बेचते समय सावधानी बरतें और केवल अधिकृत दुकानों या विश्वसनीय व्यक्तियों के माध्यम से ही लेन-देन करें, ताकि साइबर अपराधियों के नेटवर्क को बढ़ावा न मिले।




















