*ठूठीबारी में दरोगा की कार्रवाई पर बवाल: 20 सेकेंड में एक ही गाड़ी के काटे दो ‘नो पार्किंग’ चालान, पत्रकारों में रोष
*एक ही लोकेशन, एक ही फोटो और एक ही आरोप—मामले को लेकर एसपी से शिकायत, जांच के आदेश
रिपोर्ट: विप्लव मद्धेशिया
ठूठीबारी/महराजगंज
महराजगंज जनपद के कोतवाली ठूठीबारी क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। एक पत्रकार की गाड़ी का महज 20 सेकेंड के भीतर दो बार चालान काटे जाने का मामला सामने आया है, जिसे लेकर जिलेभर के पत्रकारों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
बताया जा रहा है कि मुख्य कस्बा स्थित तिराहे के पास एक पत्रकार अपनी वैगनआर कार को सफेद पट्टी के अंदर खड़ी कर सामने की दुकान पर सामान लेने गए थे। इसी दौरान, उनके लौटने से पहले ही पुलिस द्वारा उनकी गाड़ी का ‘नो पार्किंग’ के आरोप में चालान कर दिया गया। हैरानी की बात यह रही कि महज 20 सेकेंड के अंतराल में उसी गाड़ी का, उसी स्थान और उसी आरोप में दूसरा चालान भी काट दिया गया।
इस कार्रवाई से नाराज पत्रकारों का कहना है कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में कहीं भी अधिकृत पार्किंग जोन नहीं है, ऐसे में ‘नो पार्किंग’ का दो-दो चालान करना न सिर्फ अनुचित बल्कि द्वेषपूर्ण कार्रवाई को दर्शाता है। खास बात यह भी है कि दोनों चालान एक ही फोटो और लोकेशन के आधार पर किए गए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिले के इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी को शिकायती पत्र सौंपा और दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान पत्रकारों ने एसपी से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पत्रकार के साथ किसी भी प्रकार की द्वेषपूर्ण कार्रवाई नहीं होनी चाहिए और जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, संबंधित पत्रकार द्वारा दोनों चालानों का तत्काल भुगतान भी कर दिया गया है।
इस दौरान प्रेस क्लब अध्यक्ष अमित त्रिपाठी और पूर्व जिला अध्यक्ष आशीष शुक्ला ने कहा कि पत्रकारों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो पत्रकार आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
मौके पर आशीष सोनी, दुर्गा प्रसाद गुप्त, अमितेश त्रिपाठी, अमितेश गुप्ता, राहुल त्रिपाठी, ओंकारनाथ वर्मा, अनुज शुक्ला, राजेश वर्मा, अरुण कुमार, बृजेश गुप्ता, आशीष गुप्ता, शिवेंद्र चतुर्वेदी, सुनील पांडे, अंकित मणि त्रिपाठी, अमित जायसवाल सहित दो दर्जन से अधिक पत्रकार मौजूद रहे।
जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।




















