*सावन में सज गया मिनी बाबा धाम ईटहिया का दरबार, नेपाल-भारत से उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़*
रिपोर्ट/विप्लव मद्धेशिया
ठूठीबारी/महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित प्रसिद्ध मिनी बाबा धाम ईटहिया शिव मंदिर का दरबार सावन माह की शुरुआत के साथ पूरी तरह सज गया है। गुरुवार से श्रद्धालुओं के आगमन का सिलसिला शुरू हो गया है और आने वाले दिनों में भारत तथा नेपाल से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं।
स्थानीय मान्यताओं और जनश्रुतियों के अनुसार इस धाम का इतिहास अत्यंत चमत्कारिक बताया जाता है। कहा जाता है कि निचलौल के राजा रत्नसेन के पास एक ऐसी गाय थी जो प्रतिदिन ईटहिया के जंगल में स्थित एक आम के पेड़ के नीचे स्वयं अपना दूध गिरा देती थी। जब यह बात राजा तक पहुंची तो उन्हें आश्चर्य हुआ और उन्होंने अपने चरवाहों को इसकी सच्चाई जानने के लिए भेजा। जांच में यह बात सही पाई गई कि गाय प्रतिदिन उसी स्थान पर जाकर अपना दूध अर्पित करती थी।
इसके बाद राजा रत्नसेन स्वयं उस स्थान पर पहुंचे और खुदाई कराई, जहां से एक प्राचीन शिवलिंग प्रकट हुआ। इसी दिव्य घटना के बाद इस स्थान की महिमा और बढ़ गई और यह क्षेत्र ईटहिया के भोले बाबा धाम के नाम से प्रसिद्ध हो गया। आज भी यहां स्थापित शिवलिंग श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है।
सावन माह में इस मंदिर की विशेष धार्मिक मान्यता है। हर वर्ष नेपाल के त्रिवेणी धाम से श्रद्धालु पवित्र गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते हुए मिनी बाबा धाम ईटहिया पहुंचते हैं और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। वहीं महराजगंज सहित आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में कांवड़िए और शिवभक्त मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग, यातायात व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल तथा चिकित्सा जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रशासन का कहना है कि सावन मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
धार्मिक आस्था, भारत-नेपाल की सांस्कृतिक एकता और शिवभक्ति का प्रतीक मिनी बाबा धाम ईटहिया सावन माह में श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन जाता है। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठा है।





















