लकड़ी तस्करों पर भिटौली पुलिस का शिकंजा, दो शातिर गिरफ्तार; 11 बोटा सागौन की लकड़ी बरामद
— लंबे समय से वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी, एक अभियुक्त पर हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज
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महराजगंज। सम्पादक अम्बिका दत्त चौबे/उप सम्पादक उमेश चौरसिया
महराजगंज जनपद में अपराध एवं अवैध लकड़ी तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के अभियान के तहत भिटौली पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना क्षेत्र में लकड़ी चोरी के दो मामलों में वांछित चल रहे दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 11 बोटा सागौन की लकड़ी बरामद की गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक महराजगंज शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी सदर के निकट निर्देशन में थाना भिटौली पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार थाना भिटौली में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 142/2026 एवं 143/2026, जो लकड़ी चोरी तथा उत्तर प्रदेश ग्राम एवं पर्वतीय क्षेत्रों में वृक्षों का संरक्षण अधिनियम से संबंधित हैं, में दोनों अभियुक्त काफी समय से वांछित चल रहे थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान कृष्ण मोहन निषाद पुत्र रमाशंकर उर्फ गेलहन, निवासी ग्राम शिवपुर पड़रही, थाना रुद्रपुर, जनपद देवरिया तथा कृष्ण मोहन पुत्र संभल सिंह, निवासी ग्राम लक्ष्मीपुर टोला मछरियहवा, थाना रुद्रपुर, जनपद देवरिया के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि कृष्ण मोहन निषाद का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके विरुद्ध हत्या के प्रयास, चोरी, आर्म्स एक्ट तथा वृक्ष संरक्षण अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं में विभिन्न जनपदों के थानों में मुकदमे दर्ज हैं। वहीं दूसरे अभियुक्त के विरुद्ध भी भिटौली थाने में लकड़ी चोरी से जुड़े मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 11 बोटा सागौन की लकड़ी बरामद की है। बरामद लकड़ी को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक छोटेलाल (चौकी प्रभारी), हेड कांस्टेबल राकेश प्रताप, हेड कांस्टेबल अभय कुमार राय, कांस्टेबल सुशांत राय तथा कांस्टेबल नवीन कुमार की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।





















