सुबह मजदूरी पर निकले रामकेश,शाम को आई मौत की खबर
—— बेकाबू वाहन की टक्कर से मजदूर की मौत, दो मासूमों के सिर से उठा पिता का साया
UP times samachar
महराजगंज। सम्पादक अम्बिका दत्त चौबे/उप सम्पादक उमेश चौरसिया
जनपद महराजगंज में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक हँसते-खेलते परिवार की खुशियाँ पलभर में उजाड़ दीं। मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले 40 वर्षीय रामकेश गोंड़ की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
जानकारी के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के बागापार टोला बेलहिया निवासी रामकेश गोंड़ पुत्र रामानंद गोंड़ मंगलवार सुबह अन्य मजदूरों के साथ फरेंदा क्षेत्र में काम करने के लिए निकले थे। दिनभर मेहनत-मजदूरी करने के बाद वह शाम करीब सात बजे अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान रामपुर बुजुर्ग स्थित एक पेट्रोल पंप के सामने किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि रामकेश गोंड़ ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और परिजनों को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही बागापार चौकी प्रभारी नागेंद्र मणि घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल, महराजगंज भेज दिया। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश के साथ दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी हुई है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
रामकेश गोंड़ अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बेटों को छोड़ गए हैं। बड़ा बेटा दीपक (14 वर्ष) तथा छोटा बेटा आर.एन. (8 वर्ष) अब हमेशा के लिए पिता के साए से वंचित हो गए। परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा रामकेश ही थे। उनकी असमय मृत्यु से परिवार के सामने आर्थिक संकट के साथ भविष्य की चिंता भी खड़ी हो गई है।
हादसे की खबर घर पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जबकि गांव के लोग भी इस हृदयविदारक घटना से स्तब्ध हैं। हर किसी की जुबान पर यही चर्चा रही कि सुबह रोजी-रोटी की तलाश में निकला परिवार का मुखिया शाम तक हमेशा के लिए अपनों से बिछड़ गया।





















