सहजन बना सेहत और पर्यावरण का प्रहरी, गोरखनाथ मंदिर में पौधों का हुआ वितरण
——- ‘सहजन का भंडारा, स्वास्थ्य का सहारा’ अभियान के तहत लोगों को बताए गए पौधे के पोषण एवं औषधीय लाभ
UP times samachar
महराजगंज। सम्पादक अम्बिका दत्त चौबे / उप सम्पादक उमेश चौरसिया
दक्षिणी चौक रेंज की ओर से गोरखनाथ मंदिर परिसर, चौक बाजार में मंगलवार को “सहजन का भंडारा, स्वास्थ्य का सहारा” अभियान के अंतर्गत सहजन के पौधों का वितरण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की।
इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहजन के पौधे वितरित करते हुए लोगों को इसके पोषण,औषधीय एवं पर्यावरणीय महत्व की विस्तार से जानकारी दी। बताया गया कि सहजन (मोरिंगा) विटामिन, कैल्शियम,आयरन,प्रोटीन तथा एंटीऑक्सीडेंट जैसे आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसका नियमित सेवन कुपोषण को दूर करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करने तथा विभिन्न बीमारियों से बचाव में अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
कार्यक्रम के दौरान लोगों से अधिक से अधिक सहजन के पौधे लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण के अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया। अधिकारियों ने कहा कि सहजन न केवल मानव स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है, बल्कि हरित पर्यावरण के संरक्षण, जैव विविधता को बढ़ावा देने तथा स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों को सहजन के पौधे वितरित किए गए और उन्हें पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प दिलाया गया।





















