अमहट मंडी की बदहाली बरकरार, 20 साल से जमे कर्मचारियों और अधिकारियों की लापरवाही से व्यापारियों का हाल बेहाल
बलवन्त पाण्डेय ब्यूरो चीफ
सुल्तानपुर यूपी टाइम्स समाचार
सुलतानपुर। अमहट मंडी की दशा सुधारने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशों के बावजूद मंडी में जाम और गंदगी की समस्या जस की तस बनी हुई है।
आज मंडी का दौरा करने पर देखा गया कि सोनी चाय के पास चौराहे से लेकर गेट नंबर 2 तक अतिक्रमण और अव्यवस्था के चलते हर समय जाम की स्थिति रहती है। व्यापारियों का कहना है कि मंडी की व्यवस्था तब तक नहीं सुधरेगी जब तक 20 वर्षों से जमे मंडी कर्मचारियों और संविदा कर्मियों का तबादला नहीं किया जाता।
सूत्रों के अनुसार मंडी का संचालन कुछ गिने-चुने संविदा कर्मियों और रिटायरमेंट कर्मी – रहमान के सहारे चल रहा है। सक्षम अधिकारी आए दिन कार्यालय से नदारद रहते हैं। मंडी समिति के पंकज बाबू से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें कई मंडियों का अतिरिक्त कार्यभार मिला हुआ है, इसलिए उपस्थिति संभव नहीं हो पाती। इसी प्रकार मंडी प्रभारी अखिलेश सिंह को भी कई मंडियों का प्रभार दिया गया है।
व्यापारियों का आरोप है कि अधिकारियों की उदासीनता और कर्मचारियों के एक ही स्थान पर वर्षों से जमे रहने के कारण मंडी में साफ-सफाई, यातायात और मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। बार-बार शिकायत के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
व्यापारियों से मिली जानकारी के अनुसार मंडी में कई सरकारी दुकानें हैं जो मंडी अधिकारियों की मिलीभगत से किराए पर चल रही हैं। किराएदार अपनी गाड़ियां मंडी परिसर में ही खड़ी कर देते हैं, जिसके कारण जाम की समस्या और बढ़ गई है। इस संबंध में मंडी अधिकारियों द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
व्यापारियों ने मांग की है कि मंडी में अविलंब साफ-सफाई और अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, अन्यथा व्यापारियों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।





















