बैंकॉक से नेपाल तक ड्रग्स तस्करी का भंडाफोड़, 8 किलो गांजा के साथ दो भारतीय महिलाएं दबोची गईं
—— थाई एयरवेज की फ्लाइट से काठमांडू पहुंचीं थीं दोनों, सूटकेस से बरामद हुआ मादक पदार्थ; अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े तार खंगाल रही पुलिस
UP times samachar
महराजगंज। सम्पादक अम्बिका दत्त चौबे/उप सम्पादक उमेश चौरसिया
नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय विमानस्थल पर मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नेपाल पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो भारतीय महिलाओं को करीब 8 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों महिलाएं थाई एयरवेज की फ्लाइट से बैंकॉक होते हुए काठमांडू पहुंची थीं। प्रारंभिक जांच में यह मामला अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क से जुड़ा होने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिलाओं की पहचान मणिपुर निवासी 20 वर्षीय मोना देवी लोंगजाम तथा 23 वर्षीय ओइनाम एली के रूप में हुई है। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय विमानस्थल पर नियमित जांच के दौरान दोनों की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर सुरक्षा एजेंसियों ने उनके सामान की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके सूटकेस में विशेष तरीके से छिपाकर रखा गया लगभग 8 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।
कार्रवाई के बाद पुलिस ने दोनों महिलाओं को तत्काल हिरासत में ले लिया। उनके कब्जे से दो पासपोर्ट और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद गांजा नेपाल में खपाने के उद्देश्य से लाया गया था या किसी अन्य देश में पहुंचाने की योजना थी। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस तस्करी के पीछे सक्रिय अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट से इन महिलाओं का कोई संबंध है या नहीं।
नेपाल पुलिस का कहना है कि हाल के वर्षों में त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय विमानस्थल के माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी के कई मामले सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और अधिक सख्त किया गया है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आने वाले यात्रियों की विशेष जांच की जा रही है ताकि तस्करी के ऐसे मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
फिलहाल दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। पुलिस पूरे प्रकरण के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है और तस्करी से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों व नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास कर रही है। यदि जांच में अंतरराष्ट्रीय गिरोह की संलिप्तता सामने आती है तो मामले में आगे और भी बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।





















