111 विद्यार्थियों को मिला ‘सीता अशोक’ का बीज, पर्यावरण संरक्षण के साथ औषधीय विरासत बचाने का संदेश
—— दिग्विजयनाथ समूह की तीन शिक्षण संस्थाओं की संयुक्त पहल, विशेषज्ञों ने बताया—उत्तर प्रदेश का राजकीय वृक्ष है सीता अशोक
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महराजगंज। सम्पादक अम्बिका दत्त चौबे /उप सम्पादक उमेश चौरसिया
दिग्विजयनाथ इंटर कॉलेज,दिग्विजयनाथ बालिका इंटर कॉलेज एवं गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ पीजी कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में विद्यार्थियों के बीच 111 सीता अशोक (सराका इंडिका) के बीज एवं ग्रो बैग वितरित किए गए। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को इस दुर्लभ एवं औषधीय वृक्ष के वैज्ञानिक, पर्यावरणीय, आयुर्वेदिक और धार्मिक महत्व से अवगत कराया तथा इसके संरक्षण का संकल्प दिलाया।
मुख्य वक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता अश्विनी कुमार ने कहा कि सीता अशोक उत्तर प्रदेश का राजकीय वृक्ष है और भारतीय संस्कृति में इसे समृद्धि, सुख एवं शुभता का प्रतीक माना जाता है। आयुर्वेद में इसकी छाल से तैयार अशोकारिष्ट को विशेष रूप से महिलाओं से संबंधित अनेक रोगों में लाभकारी माना गया है। उन्होंने कहा कि इस वृक्ष का संरक्षण प्रकृति और स्वास्थ्य, दोनों के लिए आवश्यक है।
महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र के उद्यान विशेषज्ञ डॉ. अजीत कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सीता अशोक एक सदाबहार, घनी छाया देने वाला वृक्ष है, जो पर्यावरण संतुलन के साथ औषधीय दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता सीता ने लंका में अशोक वाटिका में निवास किया था, इसलिए इसे ‘सीता अशोक’ के नाम से जाना जाता है।
महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के वरिष्ठ सदस्य डॉ. एस.पी. सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को बीज और ग्रो बैग उपलब्ध कराना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल है। यदि विद्यार्थी इन बीजों का सफलतापूर्वक रोपण कर उनका संरक्षण करेंगे, तो यह अभियान भविष्य में हरित वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में तीनों शिक्षण संस्थाओं के शिक्षक, शिक्षिकाएं, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।





















