कोर्ट के आदेश पर यौन उत्पीड़न, मारपीट व एससी-एसटी एक्ट में दो पर मुकदमा दर्ज
—— पुलिस कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने ली न्यायालय की शरण, 156(3) के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर
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महराजगंज। सम्पादक अम्बिका दत्त चौबे /उप सम्पादक उमेश चौरसिया
सिंदुरिया थाना क्षेत्र में न्यायालय के आदेश पर एक महिला की तहरीर के आधार पर दो आरोपितों के विरुद्ध यौन उत्पीड़न के प्रयास, मारपीट, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने, जान से मारने की धमकी तथा एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार,कोठीभार थाना क्षेत्र के हरपुर पकड़ी गांव निवासी एक अनुसूचित जाति की महिला ने न्यायालय में धारा 156(3) के तहत प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि उसके पति रोजी-रोटी के सिलसिले में बाहर रहते हैं, जबकि वह अपने मायके बौलिया बाबू (थाना सिंदुरिया) में रह रही है।
पीड़िता का आरोप है कि गांव निवासी नागेंद्र पटेल पुत्र उदित पटेल तथा उसका साथी छांगुर रौनियार पुत्र रामऔतार अक्सर उसे अकेला देखकर अभद्र व्यवहार करते थे। आरोप है कि 9 अप्रैल को वह अपनी नाबालिग पुत्री का इलाज कराने सिसवा बाजार गई थी। इलाज में देर होने के कारण शाम करीब आठ बजे वह पैदल घर लौट रही थी। इसी दौरान बौलिया कर्बला के पास दोनों आरोपित मोटरसाइकिल से पहुंचे और उसे रोक लिया।
महिला का आरोप है कि दोनों ने उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारपीट की और जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी गोद में मौजूद नाबालिग बच्ची भी गिर गई। बच्ची के शोर मचाने पर दोनों आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। पीड़िता का कहना है कि कुछ दूरी पर उसकी मां मिल गई, जिसे उसने पूरी घटना बताई। आरोप है कि जब उसकी मां आरोपितों के घर शिकायत करने पहुंची तो उसके साथ भी जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अभद्रता की गई और धमकी देकर भगा दिया गया।
महिला ने बताया कि घटना की सूचना अगले दिन सिंदुरिया पुलिस को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक महराजगंज को भी रजिस्ट्री एवं कोरियर के माध्यम से शिकायत भेजी गई, फिर भी कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। न्यायालय के आदेश के बाद सिंदुरिया पुलिस ने दोनों आरोपितों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
थानाध्यक्ष विशाल शुक्ला ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है।





















