साइबर हेल्प डेस्क की तत्परता से ठगी के शिकार सत्येन्द्र को मिली राहत, लौटाए गए चार हजार रुपये
—– समय पर 1930 पर शिकायत से खाते में वापस पहुंची साइबर ठगी की रकम, चौक पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित को मिली राहत
UP times samachar
महराजगंज। सम्पादक अम्बिका दत्त चौबे / उप सम्पादक उमेश चौरसिया
साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चौक पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी के शिकार एक व्यक्ति के खाते से निकाली गई चार हजार रुपये की धनराशि वापस कराने में सफलता हासिल की है। पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़ित को राहत मिली है।
पुलिस के अनुसार, ग्राम धर्मपुर निवासी सत्येन्द्र साहनी ऑनलाइन साइबर ठगी का शिकार हो गए थे। मामले की जानकारी मिलते ही उन्होंने तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होने के बाद थाना चौक की साइबर हेल्प डेस्क ने बिना विलंब कार्रवाई शुरू करते हुए संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित किया।
पुलिस की तत्परता और बैंक स्तर पर किए गए समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप 07 अगस्त 2026 को पीड़ित के खाते में ठगी गई चार हजार रुपये की पूरी धनराशि वापस करा दी गई। रकम वापस मिलने के बाद पीड़ित ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई के प्रति राहत जताई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध के मामलों में समय पर शिकायत दर्ज कराना बेहद महत्वपूर्ण है। शिकायत में जितनी जल्दी कार्रवाई शुरू होती है,ठगी गई रकम को रोकने अथवा वापस कराने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है।
पुलिस अधीक्षक महराजगंज शक्तिमोहन अवस्थी (IPS) के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी निचलौल के पर्यवेक्षण में थाना चौक की साइबर हेल्प डेस्क द्वारा की गई इस कार्रवाई को साइबर अपराध के प्रति पुलिस की सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस की अपील
महराजगंज पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो घबराने के बजाय तत्काल 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत की जा सकती है। पुलिस ने कहा कि समय पर सूचना मिलने से ठगी गई रकम को सुरक्षित कराने और वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।




















