रेशम फार्म के आवास आवंटन पर उठे सवाल, चौकीदार के भरोसे चल रहा सरकारी परिसर
—– लाभार्थियों पर रेशम पालन और पौधरोपण की शर्तों की अनदेखी का आरोप, ग्रामीणों ने जांच की उठाई मांग
UP times samachar
नौतनवा,महराजगंज। सम्पादक अम्बिका दत्त चौबे/ उप सम्पादक उमेश चौरसिया
नौतनवा तहसील क्षेत्र के रतनपुर स्थित राजकीय रेशम फार्म में आवास आवंटन और विभागीय व्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रेशम विभाग की ओर से फार्म परिसर में कुछ व्यक्तियों को आवास आवंटित किए गए हैं, लेकिन आवास आवंटन के उद्देश्य के अनुरूप न तो संबंधित लोगों द्वारा रेशम कीट पालन किया जा रहा है और न ही पौधरोपण जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कई आवासों के अधूरे पड़े होने की बात भी ग्रामीणों ने कही है।
ग्रामीणों के अनुसार राजकीय रेशम फार्म जैसे महत्वपूर्ण सरकारी परिसर की गतिविधियां वर्तमान में काफी हद तक चौकीदार के भरोसे संचालित हो रही हैं। उनका कहना है कि जिन लोगों को विभागीय स्तर से आवास उपलब्ध कराया गया है, उनके द्वारा रेशम उत्पादन अथवा उससे जुड़ी गतिविधियों में अपेक्षित योगदान नहीं दिया जा रहा है। इससे सरकारी संसाधनों के उपयोग और आवास आवंटन की प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बड़े किसानों को आवास देने का भी आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आवास आवंटन में पात्रता के मानकों की अनदेखी करते हुए सक्षम और बड़े किसानों को भी आवास उपलब्ध कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आवास का उद्देश्य रेशम पालन, पौधरोपण और फार्म की गतिविधियों में सहयोग करना है तो ऐसे लोगों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए जो वास्तव में इन कार्यों से जुड़े हों।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि रेशम फार्म में लंबे समय से व्यवस्थाओं की समुचित निगरानी नहीं होने के कारण सरकारी योजना का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे विभाग को भी कोई ठोस लाभ नहीं हो रहा है।
जांच होने पर सामने आ सकती है वास्तविक स्थिति
ग्रामीणों ने राजकीय रेशम फार्म में आवास आवंटन की प्रक्रिया, लाभार्थियों की पात्रता, आवासों की वर्तमान स्थिति तथा रेशम कीट पालन और पौधरोपण से संबंधित कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आवंटन के समय निर्धारित शर्तों और मानकों का पालन हुआ है तो विभागीय अभिलेखों से इसकी स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच कराने और यदि अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। संबंधित विभाग का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।





















