निर्माण कार्य में करंट से हुई प्रदीप की मौत पर प्रशासन का फैसला, एसडीआरएफ से नहीं मिलेगी राहत; कृषक योजना से ₹5 लाख की सहायता की उम्मीद
— जांच रिपोर्ट में दैवीय आपदा की श्रेणी से बाहर हुई घटना, पात्रता पूरी होने पर मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का मिलेगा लाभ
UP times samachar
महराजगंज। सम्पादक अम्बिका दत्त चौबे / उप सम्पादक उमेश चौरसिया
महराजगंज जनपद अंतर्गत मिठौरा ब्लाक क्षेत्र के दरहटा गांव निवासी प्रदीप पुत्र अमरनाथ की निर्माण कार्य के दौरान करंट लगने से हुई मौत के मामले में प्रशासनिक जांच पूरी हो गई है। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि यह घटना दैवीय आपदा की श्रेणी में नहीं आती, इसलिए मृतक के आश्रितों को राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) से आर्थिक सहायता प्रदान नहीं की जाएगी। हालांकि, मृतक के कृषक होने के कारण मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत पात्रता पूरी होने पर पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलने की संभावना बनी हुई है।
प्रशासन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार राजस्व विभाग की जांच में यह निष्कर्ष सामने आया कि प्रदीप की मृत्यु प्राकृतिक अथवा दैवीय आपदा के कारण नहीं हुई है। ऐसे में शासन के नियमानुसार आपदा राहत मद से अनुग्रह सहायता स्वीकृत किए जाने का कोई प्रावधान नहीं बनता।
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि मृतक एक पंजीकृत कृषक था। इस आधार पर यदि उसके आश्रित शासन द्वारा निर्धारित पात्रता की सभी शर्तों को पूरा करते हैं तथा आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करते हैं, तो मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा सकती है।
प्रशासन ने बताया कि संबंधित विभाग द्वारा सभी दस्तावेजों और पात्रता का परीक्षण किए जाने के बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। पात्रता सिद्ध होने पर शासन स्तर से सहायता राशि स्वीकृत कर मृतक के परिजनों को आर्थिक संबल उपलब्ध कराया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व निर्माणाधीन भवन में कार्य के दौरान सरिया उठाते समय प्रदीप हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आ गया था। गंभीर रूप से झुलसने के बाद उसकी मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने आर्थिक सहायता की मांग की थी। अब प्रशासनिक जांच रिपोर्ट से स्थिति स्पष्ट हो गई है कि एसडीआरएफ से राहत नहीं मिलेगी, लेकिन मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत सहायता मिलने का मार्ग खुला हुआ है।
इस संबंध में हल्का लेखपाल शिल्पी केसरी ने बताया कि जांच रिपोर्ट सक्षम अधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई है तथा नियमानुसार आगे की कार्रवाई संबंधित विभाग द्वारा की जाएगी।





















