रक्षाबंधन पर मां से आखिरी बात… दीप्ती का अंतिम संस्कार, प्रिंसिपल-वॉर्डन पर हत्या की F,I,R
रक्षाबंधन पर मां से बोली थी—बहन से राखी बंधवाकर नेग रख लेना, मैं आकर ले लूंगी; मौत को लेकर परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल
मो. अली | ब्यूरो चीफ, सुल्तानपुर
UP Times Samachar
अमेठी। इंदिरा गांधी स्कूल एंड कॉलेज ऑफ नर्सिंग की GNM थर्ड ईयर की छात्रा दीप्ती यादव (21) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद रविवार को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। दीप्ती सुल्तानपुर के बल्दीराय क्षेत्र के सैदुल्लापुर गांव की रहने वाली थी। उसकी मौत को लेकर परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में प्रिंसिपल और वार्डन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक, 28 अगस्त को दोपहर करीब एक बजे दीप्ती का शव हॉस्टल के कमरे में छत के पंखे से दुपट्टे के सहारे लटका मिला। सूचना पर मुंशीगंज पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके बाद परिजनों को घटना की जानकारी दी गई।
हालांकि, परिवार ने दीप्ती की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार किया है। परिजनों का कहना है कि जिस कमरे में शव मिला, उसकी स्थिति को लेकर कई सवाल हैं। उनका आरोप है कि उन्हें पूरी जानकारी दिए बिना शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। परिवार ने कॉलेज परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज सुरक्षित कर जांच कराने की मांग की है।
रक्षाबंधन पर मां से हुई थी आखिरी बातचीत
दीप्ती की मां सुनीता के मुताबिक, घटना से कुछ घंटे पहले बेटी ने फोन किया था। उसने कहा था कि छोटी बहन से भाई को राखी बंधवा देना और नेग में मिले पैसे संभालकर रख लेना। दीप्ती ने मां से यह भी कहा था कि वह बाद में आकर पैसे ले लेगी। इसके कुछ समय बाद कॉलेज की ओर से फोन आया कि उसकी तबीयत खराब है।
परिजनों के मुताबिक, सुबह करीब 10 बजे भी दीप्ती से फोन पर बातचीत हुई थी। परिवार के लोग कॉलेज पहुंचने के लिए निकले, लेकिन रास्ते में उन्हें बेटी के आत्महत्या करने की जानकारी मिली।
दीप्ती की छोटी बहन सिंपल ने बताया कि उसकी बहन पढ़ाई में काफी अच्छी थी और करीब तीन साल से कॉलेज में रहकर पढ़ाई कर रही थी। इसी वर्ष उसका अंतिम वर्ष था। परिवार के मुताबिक, दीप्ती के माता-पिता दिव्यांग हैं और खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद दीप्ती नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी, जिसमें उसके नाना धर्मराज भी मदद करते थे।
परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की
परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद घटनास्थल की परिस्थितियां संदिग्ध थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि दीप्ती को कमरे से नीचे उतारा गया था तो पुलिस और परिवार के पहुंचने से पहले घटनास्थल पर क्या-क्या हुआ, इसकी जांच होनी चाहिए।
परिवार ने मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही कॉलेज में लगे CCTV कैमरों की फुटेज, घटना के समय हॉस्टल में मौजूद लोगों और मोबाइल फोन समेत अन्य साक्ष्यों की जांच की मांग की है।
कॉलेज प्रबंधन का पक्ष
कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि दीप्ती का शव हॉस्टल के कमरे में पंखे से दुपट्टे के सहारे लटका मिला था। वार्डन ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर अपने कब्जे में लिया। कॉलेज प्रबंधन ने घटना की सूचना पुलिस को देने और परिजनों को जानकारी देने की बात कही है।
फिलहाल पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही दीप्ती की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस CCTV फुटेज और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।





















