भैंसा की तलाश में नाकाम थाना,पंचायत में उलझा मामला!
—–12 अगस्त से गायब भैंसा का अब तक सुराग नहीं, पीड़ित ने लगाया कार्रवाई के बजाय पंचायत कराने का आरोप
UP times samachar
महराजगंज। सम्पादक अम्बिका दत्त चौबे / उप सम्पादक उमेश चौरसिया
परसा मलिक थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत जिगना में एक भैंसा के गायब होने और उसकी कथित तौर पर हत्या किए जाने के मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित का आरोप है कि 12 अगस्त से गायब भैंसा का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। मामले में लिखित शिकायत देने के बावजूद पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय पंचायत कराने का प्रयास किया जा रहा है।
पीड़ित के अनुसार, भैंसा को कथित रूप से लाठी-डंडों और धारदार हथियार से पीटकर मार डाला गया तथा साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को ठिकाने लगाने की आशंका है। इस संबंध में पीड़ित ने थाना परसा मलिक पुलिस को लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित का कहना है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को मामले की जांच कर भैंसा की तलाश कराने तथा आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन अभी तक भैंसा का पता नहीं चल पाया है। वहीं, थाना स्तर पर मामले को पंचायत के जरिए सुलझाने का प्रयास किए जाने का आरोप लगाया गया है।
12 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग
बताया गया कि भैंसा 12 अगस्त से लापता है, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका। पीड़ित परिवार लगातार भैंस की तलाश कर रहा है। अब सवाल उठ रहा है कि यदि भैंसा की हत्या की गई है तो उसका शव कहां है और उसे ठिकाने लगाने में कौन-कौन शामिल है?
पंचायत या कार्रवाई—सवालों के घेरे में पुलिस
पीड़ित के आरोपों के बाद थाना परसा मलिक की भूमिका भी चर्चा में है। पीड़ित का कहना है कि गंभीर आरोपों की शिकायत के बावजूद पुलिस कार्रवाई करने के बजाय पंचायत की ओर बढ़ रही है। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या गंभीर मामले का समाधान महज पंचायत के जरिए किया जा सकता है?
पीड़ित ने उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने, गायब भैंस की तलाश कराने और यदि हत्या के आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की है।





















