देश दुख में है सभी नेपाली एकजुट होकर पीड़ितों की मदद करें-अस्मिता भंडारी
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अम्बिका दत्त चौबे
काठमांडू / महराजगंज। उत्तरी पड़ोसी देश चीन के तिब्बत क्षेत्र में हिमताल फटने से नेपाल के कई जिलों में भारी तबाही हुई है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में आई आकस्मिक बाढ़ रसुवा, नुवाकोट, धादिङ, चितवन और नवलपरासी जिलों में घुस गई है, जिससे बस्ती, सड़क, स्कूल, बिजली परियोजना और खेती योग्य जमीन को बड़ा नुकसान पहुंचा है।इस प्राकृतिक आपदा को लेकर विश्व हिंदू महासंघ, केंद्रीय कार्यालय काठमांडू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी की है।महासंघ की अध्यक्ष अस्मिता भण्डारी द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस मानवीय क्षति ने पूरे संगठन को गहरे रूप से मर्माहत कर दिया है। महासंघ ने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों को हार्दिक श्रद्धांजलि दी है और शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और लापता नागरिकों के जल्द उद्धार की कामना की है। बृहस्पतिवार को देर शाम जारी विज्ञप्ति में महासंघ ने दो अहम मांगें रखी हैं पहले यह कि भविष्य में इस तरह की आपदा दोबारा न हो, इसके लिए नेपाल और पड़ोसी देश के बीच तत्काल भरोसेमंद सूचना तंत्र स्थापित किया जाए। दूसरा इस संकट की घड़ी में नेपाल सरकार, सामाजिक संगठन और आम नागरिकों के बीच समन्वय को और प्रभावकारी बनाकर राहत और बचाव कार्य में तेजी लाई जाए।महासंघ ने देशवासियों से अपील की है कि देश दुख में है, सभी नेपाली एकजुट होकर पीड़ितों की मदद में जुटें। साथ ही लोगों से नदी किनारे और जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर जाने का अनुरोध किया गया है।





















