नेपाल कनेक्शन वाले साइबर फ्रॉड गिरोह पर बड़ी कार्रवाई
—- सोनौली में साइबर थाना पुलिस का शिकंजा, सभासद पति और पुत्र गिरफ्तार,अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच तेज
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महराजगंज।सम्पादक अम्बिका दत्त चौबे/उप सम्पादक उमेश चौरसिया
भारत-नेपाल सीमा से सटे सोनौली कस्बे में साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने नेपाल कनेक्शन से जुड़े कथित साइबर फ्रॉड गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में सोनौली क्षेत्र की एक सभासद के पति और पुत्र का नाम सामने आने से मामला और भी चर्चाओं में आ गया है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह लोगों को “डॉलर एक्सचेंज” और विदेशी करेंसी भारतीय खातों में ट्रांसफर कराने का झांसा देकर साइबर ठगी को अंजाम देता था। ठगी से प्राप्त रकम को गिरोह के सदस्य अपने और परिचितों के खातों में मंगवाकर बाद में आपस में बांट लेते थे। मामले में नेपाल कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस अब इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय एंगल की भी गहन जांच कर रही है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल अकील उर्फ वकील अहमद व उनके पुत्र तौसीक का नाम बीते कुछ वर्षों से नेपाल में कई विवादित मामलों में चर्चा में रहा है। बताया जा रहा है कि नेपाल में भी उनके खिलाफ विभिन्न मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। हाल ही में चर्चित ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े मामलों में भी उनका नाम सामने आया था। हालांकि सीमा क्षेत्र में कथित रसूखदारों का संरक्षण मिलने और मजबूत पकड़ के चलते वह अब तक कार्रवाई से बचते रहे। साइबर फ्रॉड मामले में गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर उनका नाम चर्चाओं में है।
पुलिस अधीक्षक महराजगंज शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देश पर साइबर थाना पुलिस ने 27 मई 2026 को विशेष अभियान चलाकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन और एक नेपाली सिम कार्ड बरामद किया है। मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। इस पूरे प्रकरण ने भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय साइबर ठगी, हवाला और संदिग्ध नेटवर्क की गतिविधियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में ऐसे गिरोहों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं।
साइबर क्राइम थाना महराजगंज में आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 61(2)(बी) बीएनएस एवं 66D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी टीम में निरीक्षक सजनू यादव,उपनिरीक्षक सचिन कुमार, कांस्टेबल पियूषनाथ तिवारी, प्रदीप कुमार और संतोष शर्मा शामिल रहे।





















