सेंचुरी के तालाब में जहर डालकर मछली शिकार का आरोप,वन विभाग की निगरानी पर उठे गंभीर सवाल
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महराजगंज । सम्पादक अम्बिका दत्त चौबे/उप सम्पादक उमेश चौरसिया
महराजगंज जनपद के सोहगी बरवा वन्यजीव क्षेत्र के दक्षिणी चौक रेंज अंतर्गत बरसैना बीट में स्थित एक तालाब में जहर डालकर मछलियां मारने का मामला सामने आने के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। संरक्षित सेंचुरी क्षेत्र में खुलेआम मछली शिकार किए जाने की सूचना से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार कुछ मछुआरे तालाब में जाल लगाने के साथ-साथ जहरीले पदार्थ का प्रयोग कर बड़ी मात्रा में मछलियां पकड़ रहे थे। लोगों का कहना है कि सेंचुरी क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां बिना विभागीय जानकारी के संभव नहीं लगतीं,जिससे वन कर्मियों की भूमिका पर भी संदेह जताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि सोहगी बरवा वन्यजीव क्षेत्र संवेदनशील और संरक्षित इलाका है,जहां वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत शिकार करना,लकड़ी काटना,जहर का प्रयोग करना अथवा किसी भी प्रकार से जैव विविधता को नुकसान पहुंचाना दंडनीय अपराध माना जाता है। इसके बावजूद तालाब में जहर डालकर मछली मारने की घटना ने वन सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के दौरान न तो कोई वनकर्मी मौके पर पहुंचा और न ही समय रहते कार्रवाई की गई। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि सेंचुरी क्षेत्र में इसी तरह अवैध गतिविधियां जारी रहीं तो जलजीवों और वन्यजीवों के अस्तित्व पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
मामले को लेकर जब दक्षिणी चौक के वन क्षेत्राधिकारी ऋषभ नायक से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि शिकायत की जानकारी मिली है और पूरे प्रकरण की जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





















