फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही पर सख्त हुए डीएम, कहा– घर-घर जाकर करें पंजीकरण; स्वास्थ्य केंद्र की अव्यवस्था पर जताई नाराजगी
— बागापार पंचायत भवन व आयुष्मान आरोग्य मंदिर का स्थलीय निरीक्षण, किसानों को फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए किया जागरूक
Up times samachar
महराजगंज । उप संपादक उमेश चौरसिया जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने रविवार को ग्राम पंचायत बागापार पहुंचकर पंचायत भवन में चल रहे फार्मर रजिस्ट्री अभियान तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र/आयुष्मान आरोग्य मंदिर ‘आरोग्यं परमं धनम्’ का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने फार्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत भवन में बैठकर काम करने के बजाय गांवों और टोले-मजरों में डोर-टू-डोर भ्रमण कर शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित किसानों से बातचीत करते हुए कहा कि फार्मर रजिस्ट्री कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पंजीकरण होने के बाद ही किसानों को सरकार द्वारा दी जाने वाली योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। कृषि कार्य के लिए धान, तिलहन, बीज, उर्वरक, खाद एवं कृषि औषधि पर मिलने वाला अनुदान भी फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही उपलब्ध कराया जाएगा। जिन किसानों का पंजीकरण नहीं होगा, वे सरकारी सुविधाओं से वंचित रह सकते हैं।
निरीक्षण के दौरान मौके पर 08 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री कराई गई, जिनमें छोटेलाल पुत्र अधारे (बरैटिहवा), भरत पुत्र राजबली तथा राघव पुत्र मकरू (टोला पिपरा, बागापार) को फार्मर रजिस्ट्री प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया।
उपजिलाधिकारी सदर द्वारा जिलाधिकारी को जानकारी दी गई कि ग्राम सभा बागापार में पहले 29 मजरे दर्ज थे, लेकिन एक टोला गैर-सिराजी होने के कारण अब 28 मजरे/टोले हैं। ग्राम पंचायत में कुल 1658 किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से 447 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री लंबित है। इसके अलावा 57 किसानों के नाम मिसमैच, 74 किसान मृतक हैं जिनकी वरासत की प्रक्रिया होनी है, 27 किसान बाहरी हैं जिनका निवास अन्य तहसीलों में है तथा 06 किसान भूमिहीन हैं।
इसके बाद जिलाधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आयुष्मान आरोग्य मंदिर ‘आरोग्यं परमं धनम्’ बागापार में आयोजित स्वास्थ्य मेले का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 16 मरीजों की जांच कर दवाएं वितरित की गईं। स्वास्थ्य केंद्र भवन में लाइट की समुचित व्यवस्था न होने से कमरों में अंधेरा, आलमारियों का रखरखाव ठीक न होना तथा किचन में साफ-सफाई की खराब व्यवस्था मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने भवन में पड़े अनुपयोगी सामान को हटाने, दवाओं व अन्य सामग्रियों के व्यवस्थित रखरखाव तथा भवन के रंग-रोगन को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने यह भी पाया कि अग्निशमन यंत्र किचन में रखा हुआ था, जिसे सामने रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही ऑटो क्लेव मशीन बंद मिलने पर उसे तत्काल ठीक कर चालू स्थिति में लाने का निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान दवाओं की उपलब्धता और उनकी एक्सपायरी तिथि भी जांची गई। एंटी रैबीज इंजेक्शन जनवरी 2027 तक वैध पाया गया।
स्वास्थ्य केंद्र में 1 अप्रैल 2026 से अब तक 08 प्रसव होने की जानकारी दी गई। निरीक्षण के दौरान अंकिता देवी पत्नी गोविंद की डिलीवरी हुई, जिसमें मां और नवजात दोनों स्वस्थ पाए गए।
निरीक्षण के दौरान पंचायत भवन पर उपजिलाधिकारी सदर जितेंद्र कुमार सिंह, अपर तहसीलदार देश दीपक त्रिपाठी, ग्राम पंचायत अधिकारी चंद्र प्रकाश गुप्ता, लेखपाल सुनील कुमार यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। वहीं स्वास्थ्य केंद्र पर डॉ. के.पी. सिंह, प्रभारी आश्रय कुमार, नर्स नीलम चौहान, स्टाफ नर्स शीला और आशा मीना सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।





















