कुपवाड़ा में शहीद हुए सुलतानपुर के लाल अखिलेश शुक्ल को नम आंखों से अंतिम विदाई
एमएलसी अंतिम संस्कार में शामिल,शहीद के नाम पर गेट व सड़क निर्माण की घोषणा
बलवन्त पाण्डेय ब्यूरो चीफ सुल्तानपुर
यूपी टाइम्स समाचार
सुलतानपुर। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए बंधुआकला के मझना पूरे वैशी गांव निवासी सैनिक अखिलेश शुक्ल को शुक्रवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। शहीद के अंतिम संस्कार में जनसैलाब उमड़ पड़ा और हर आंख नम हो गई।
इस अवसर पर एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह स्वयं गांव पहुंचकर अंतिम संस्कार में शामिल हुए और शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीद के पिता राधेकृष्ण शुक्ल को ढांढस बंधाते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
एमएलसी ने शहीद की स्मृति को चिरस्थायी बनाने हेतु अपनी निधि से “शहीद अखिलेश शुक्ल द्वार” के निर्माण की घोषणा की। साथ ही जिलाधिकारी से मिलकर शहीद के घर तक लगभग 200 मीटर खड़ंजा मार्ग को डामरीकरण कराने और गांव में शहीद स्थल विकसित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे शीघ्र पूरा कराने का भरोसा दिया गया।
भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने शहीद के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए परिजनों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। भाजपा नेता ओम प्रकाश पाण्डेय बजरंगी,जिला मीडिया प्रमुख विजय सिंह रघुवंशी व भाजपा नेता राम बहादुर सिंह ने भी शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को नमन किया।
ज्ञात हो कि बुधवार को कुपवाड़ा में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों से मुठभेड़ में सैनिक अखिलेश शुक्ल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल दिल्ली के सेना अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
शहीद अखिलेश शुक्ल अपने पिता राधेकृष्ण शुक्ल रि.सैनिक के इकलौते पुत्र थे। उनके बलिदान से पूरा जनपद गर्व और शोक के मिश्रित भाव में डूबा है।देश उनकी शहादत को कभी नहीं भूलेगा।




















