वाल्मीकिनगर में चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जयंती के अवसर पर आयोजित 153वीं नारायणी गंडकी महाआरती,धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
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महराजगंज । संपादक अम्बिका दत्त चौबे / उप संपादक उमेश चौरसिया
वाल्मीकिनगर,चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जयंती बृहस्पतिवार के पावन अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय न्यास स्वरांजलि सेवा संस्थान द्वारा 153वीं नारायणी गंडकी महाआरती का आयोजन किया गया। यह विशेष आयोजन भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बेलवा घाट परिसर में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वाल्मीकिनगर के रेंजर सत्यम कुमार, विशिष्ट अतिथियों के रूप में जिमरी नौतनवां के मुखिया खूब लाल बड़घडिया, समाजसेवी संगीत आनंद, थरुहट के निर्माता एचेल थारू, राष्ट्रीय अध्यक्षा अंजू देवी, दिनेश पटवारी, फाइटर जयदेव कुमार, अभिनेता चंद्रभान कुमार, ऐंकर सत्येंद्र कुमार पांडे, स्वास्थ्य कर्मी कुमारी संगीता, पुनीता देवी उज्जवल कुमार, अंश कुमार और पूनम देवी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
समारोह में सभी भक्तों ने एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया और धार्मिक वातावरण में श्रद्धा के साथ महाआरती में भाग लिया। मुख्य अतिथि रेंजर सत्यम कुमार ने अपने संबोधन में कहा, “चैत्र पूर्णिमा को ही हनुमान जयंती मनाई जाती है, और यह दिन हमें शक्ति और ऊर्जा प्रदान करने के साथ-साथ हमारे पर्यावरण और प्राकृतिक धरोहरों की रक्षा करने का संदेश देता है।” विशिष्ट अतिथि मुखिया खूब लाल बड़घडिया ने भी आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि “पूर्णिमा तिथि को संगम तट पर कथा पूजा अर्चना करना परम सौभाग्य की बात है।”थरुहट के दिनेश पटवारी ने प्रकृति की पूजा की आवश्यकता को रेखांकित किया और कहा, “प्राकृतिक धरोहरों की रक्षा हमारे सामूहिक दायित्व में शामिल है।”
समाजसेवी संगीत आनंद ने पारिवारिक उत्सवों में इको-फ्रेंडली तरीके से मनाने की परंपरा को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार द्वारा औषधीय गुणों वाले पौधों का वितरण भी इस अवसर पर किया गया। थरुहट के निर्माता एचेल थारू ने ग्लोबल वार्मिंग के खतरों को उजागर करते हुए जल स्रोतों की स्वच्छता पर जोर दिया। स्वरांजलि सेवा संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर संगीत आनंद ने बताया कि उनकी संस्था द्वारा लावारिस दिव्यांगों को भोजन प्रदान किया जाता है और भूले भटके लोगों को उनके परिवार से मिलवाने के लिए सकारात्मक पहल की जाती है। स्वास्थ्य कर्मी कुमारी संगीता ने कहा कि इस नदी में विष्णु भगवान शालिग्राम पत्थर के रूप में पाए जाते हैं, जो इस स्थल की धार्मिक महत्ता को बढ़ाते हैं। कार्यक्रम में विशेष सहयोग प्रदान करने वाले व्यक्तियों में आद्या ड्रग एजेंसी के प्रबंधक जयकुमार गुप्ता, निर्माता एचेल थारू, धर्मपाल गुरु वशिष्ठ जी महाराज, पवन भट्टराई, वशिष्ठ डेयरी उद्योग नेपाल, डॉ. मृत्युंजय हालदार, चंदन मिश्रा, समाजसेवी धर्मेंद्र कुमार गुप्ता, फिल्म कथाकार एम. शफी, पूर्वा होटल के प्रबंधक चंदन जायसवाल, डॉ. आदित्य नारायण, विधायक प्रतिनिधि विनय कुशवाहा, गायक राजा कुमार और अमर कुशवाहा का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में रेंजर सत्यम कुमार,एंकर सत्येंद्र कुमार पांडे और मुखिया खूब लाल बड़घडिया को उनके विशिष्ट कार्यों के लिए अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सत्येंद्र कुमार पांडे ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन चंद्रभान कुमार और फाइटर जयदेव कुमार ने किया।
इस अवसर पर रितिका कुमारी, काजल कुमारी, बेबी कुमारी, सुनीता कुमारी, सुधीर कुमार राय, शैलेंद्र कुमार मिश्रा और आर. बी. एल बैंक उत्तरप्रदेश के कर्मी गण भी उपस्थित थे। कार्यक्रम स्थल पर नारायणी गंडकी माता की जय, गंगा मैया की जय, वाल्मीकि धाम की जय, हनुमान जी महाराज की जय आदि नारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। आचार्य पंडित अनिरुद्ध द्विवेदी ने कथा पूजा और हवन द्वारा विश्व शांति की कामना की। इस दौरान सभी भक्तों ने विश्व में चल रहे युद्धों को समाप्त करने हेतु नारायणी गंडकी माता से प्रार्थना की।





















